झाबुआ। शासकीय कन्या महाविद्यालय झाबुआ की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, रेड रिबन क्लब एवं यूथ रेड क्रॉस द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गोद ग्राम बामन सेमलिया में "हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी" थीम पर आंगन मिलन कार्यक्रम एवं दिवा शिविर का आयोजन दिनांक 05/10/2026 को किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी के निर्देशन तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रीति एस. त्रिपाठी के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, स्वच्छता, महिला एवं बाल विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना था। स्वयंसेवी छात्राओं ने आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचकर बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया तथा उन्हें शारीरिक स्वच्छता, शिक्षा का महत्व, भोजन से पहले हाथ धोने की आदत, अच्छे संस्कार, गुड टच–बैड टच एवं सुरक्षित व्यवहार के संबंध में जानकारी दी।
बच्चों को कहानी, कविताओं, गीतों एवं विभिन्न रोचक गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन और जीवन उपयोगी बातों की शिक्षा दी गई। स्वयंसेवी छात्राओं ने बच्चों को सरल एवं मनोरंजक तरीके से महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
ग्रामीण महिलाओं एवं किशोरियों को माहवारी स्वच्छता, एनीमिया से बचाव, गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियाँ, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य के विषय में जागरूक किया गया। महिलाओं को हरी सब्जियाँ, फल, दाल, दूध एवं पौष्टिक स्थानीय खाद्य पदार्थों के सेवन के लिए प्रेरित किया गया।
बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत बाल विवाह रोकने तथा बेटियों को शिक्षा के समान अवसर देने की शपथ दिलाई गई। साथ ही ग्रामीणों को एड्स जागरूकता, रक्तदान का महत्व, सिकल सेल उन्मूलन अभियान के अंतर्गत जांच एवं सिकल कार्ड बनवाने की जानकारी दी गई। नशामुक्ति अभियान के तहत शराब, तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित कर शपथ दिलाई गई।
स्वयंसेवी छात्राओं द्वारा स्थानीय प्राथमिक विद्यालय में जाकर विद्यार्थियों को गुड टच–बैड टच, स्वच्छता, हाथ धोने की सही विधि, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के संबंध में जागरूक किया गया। स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत आंगनवाड़ी एवं विद्यालय परिसर में श्रमदान कर सफाई की गई तथा प्लास्टिक एवं पॉलीथीन एकत्र कर परिसर को प्लास्टिक मुक्त बनाया गया। ग्रामीणों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्परिणाम बताते हुए कपड़े के थैलों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया।
पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण के महत्व को समझाते हुए ग्रामीणों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा जल का संरक्षण एवं संवर्धन करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी के बच्चों, प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों एवं स्टाफ को केला, बिस्कुट एवं समोसे वितरित किए गए। बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनके उत्तर स्वयंसेवी छात्राओं द्वारा सरल भाषा में दिए गए। बच्चों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा— "दीदी, आप फिर से हमारे स्कूल जरूर आइए।"
उन्नत भारत अभियान की भावना के अनुरूप आयोजित इस शिविर का उद्देश्य ग्राम को स्वस्थ, स्वच्छ, शिक्षित, जागरूक, सशक्त एवं विकसित बनाना था। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, ग्रामीण महिलाएँ, विद्यालय की शिक्षिकाएँ, बच्चे तथा राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेवी छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
राष्ट्रीय सेवा योजना के आदर्श "Not Me But You (स्वयं से पहले आप)" के संदेश के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।
