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*पीजी कॉलेज झाबुआ में एनएसयूआई ने द्वितीय वर्ष एवं तृतीय में प्रमोशन, व 2025 -26 छात्रवृत्ति, आवास के पोर्टल को पुनः खोलने एवं लंबे समय से छात्रवृत्ति -आवास और पुस्तके नहीं मिलने से विद्यार्थी हुए नाराज*

राजेंद्र राठौर
झाबुआ। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शहीद चंद्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय झाबुआ में विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने कॉलेज प्रशासन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए ज्ञापन सौंपा।
NSUI जिला अध्यक्ष नरवेश अमलियार एवं  जिला महामंत्री विनोद गणावा जी ने कहा कि महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को लगातार विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। कॉलेज प्रशासन विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान सुनिश्चित करे।
ज्ञापन के माध्यम से NSUI ने प्रमुख रूप से मांग की कि—
1. प्रमोशन से वंचित विद्यार्थियों के लिए पोर्टल तत्काल पुनः खोला जाए।
बीए, बीएससी एवं बीकॉम के प्रथम से द्वितीय तथा द्वितीय से तृतीय वर्ष में प्रमोशन की प्रक्रिया से वंचित विद्यार्थियों को एक और अवसर दिया जाए।
2. छात्रवृत्ति एवं आवास योजना के आवेदन पोर्टल पुनः खोले जाएं।
सत्र 2025-26 के जिन विद्यार्थियों के आवेदन किसी कारणवश नहीं हो पाए हैं, उनके हित में पोर्टल पुनः खोलकर आवेदन का अवसर दिया जाए।
3. लंबित छात्रवृत्ति एवं आवास राशि तत्काल जारी की जाए।
जिन विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति एवं आवास योजना की राशि अभी तक लंबित है, उनके प्रकरणों की तत्काल जांच कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
4. विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की पुस्तकें तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।
शैक्षणिक सत्र शुरू हुए लगभग पांच माह बीत जाने के बावजूद विद्यार्थियों को आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध नहीं होना कॉलेज प्रशासन की गंभीर लापरवाही है। पुस्तकों का तत्काल वितरण किया जाए।
NSUI जिला महामंत्री विनोद गणावा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कॉलेज प्रशासन द्वारा इन समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो NSUI विद्यार्थियों को साथ लेकर कॉलेज परिसर में चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अधिकार और उनके भविष्य की लड़ाई होगी। समय रहते समस्याओं का समाधान करना कॉलेज प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि मांगों की अनदेखी की जाती है तो आंदोलन से उत्पन्न होने वाली समस्त परिस्थितियों की जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन एवं संबंधित शासन-प्रशासन की होगी।
NSUI का स्पष्ट संदेश है—
विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करो, वरना NSUI सड़क से लेकर महाविद्यालय तक संघर्ष करने के लिए तैयार है!
उस समय एनएसयूआई के कार्यकर्ता उपस्थित रहे सूर्या डामोर, मनोज गुड़िया, अनिल भाबोर, अनिल मकवाना, अनिल मेडा, नानसिंग परमार, कमेश सिंगड, करण गणावा, अंकिता रावत ,दिलीप भूरिया अंकित   राहुल , राजू  , सुमित एवं आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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