*तृतीय अधिवेशन में रचा इतिहास*
*25-9-2026*
*प्रातः प्रथम सत्र*
किसी भी संस्था के राष्ट्रीय आयोजन की सफलता में आयोजन कर्ताओं और सम्मिलित सदस्यों का समर्पण अहम् भूमिका निभाता है, यदि एक पक्ष
*पंछी*है तो दूसरा पक्ष*पंख*
समन्वय का यही गणित संस्था को अविश्वसनीय उड़ान देता है।
अंतरराष्ट्रीय जैन साहित्य संगम का पालीताणा अधिवेशन इस बात का जीता-जागता उदाहरण है।
संस्था की अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित मरड़िया, राष्ट्रीय महामंत्री श्री मनोज जैन*मनोकामना , राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ प्रकाश दक के दिशा-निर्देश और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिनेश जैन, शकुन डागा और राष्ट्रीय सह-मंत्री संगीता संगी के कुशल प्रबंधन में आयोजित इस अधिवेशन में सम्मिलित सदस्यों का उत्साह अवर्णनीय है।
प्रथम दिन गुरू दर्शन के पश्चात शाम को ढोल बाजे के साथ नाचते गाते दादा आदिनाथ के दर्शन - वंदन हेतु वल्लभ बिहार धाम से तलेटी तक संघ के रूप में संघपति डॉ शांतिलाल जी कोचर सह परिवार निवासी हिंगणघाट के साथ संघ यात्रा का आयोजन किया गया
संघ ने तलेटी जी पर आरती का लाभ एवं भक्ति का आनंद लिया
*अधिवेशन द्वितीय दिवस*
26-9-2026
अधिवेशन शुभारंभ हेतु सभी सदस्य गण *पूज्य आचार्य जिनेंद्र प्रभ सुरीश्वर जी महाराज साहब* , *मुनि जीत चंद्र विजय जी महाराज साहब* एवं *मुनि ऊंकार विजय जी महाराज साहब* को ससम्मान ढोल बाजे के साथ वरघोड़े के रूप में अधिवेशन समारोह स्थल पर गहुली कर पदार्पण कराते हुए आयोजन का आगाज हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि *जितेश भाई शाह* अहमदाबाद एवं संगम के वरिष्ठ पदाधिकारीयों ने दीप प्रज्वलन कर किया
पूज्य आचार्य भगवंत ने मंगलाचरण कर अधिवेशन का शुभारंभ किया
नवकार गान *नीतू बाफना,मधु जैन मधुलिका एवं पद्मा जागरूक* ने प्रस्तुत किया
संगम का राष्ट्रीय गान *कुलदीप प्रियदर्शी* ने प्रस्तुत किया
अधिवेशन स्वागत गीत की प्रस्तुति *शकुन डागा मधुर* सूरत ने दी
अतिथि सम्मान के पश्चात संस्था की बहुप्रतीक्षित स्मारिका एवं काव्य संग्रह
*संगम सितारे 2026* का विमोचन पूज्य मुनि भगवंतो, अतिथि गण और संस्था पदाधिकारीयों के कर कमलों से हुआ स्वागत भाषण एवं संस्था परिचय संगम *अध्यक्ष अमित मरड़िया* ने दिया संस्था कि गतिविधियां एवं आगामी कार्यक्रम की जानकारी *राष्ट्रीय महामंत्री मनोज जैन मनोकामना* ने प्रस्तुत की
अधिवेशन सभा को आचार्य भगवंत एवं मुनि भगवंतो ने अपने सारगर्भित प्रवचनों के माध्यम से कहते हूए संस्था के लिए आशिर्वाद और मंगलकामनाएं प्रदान करते हुए *डॉ शान्तिलाल जी कोचर* को *संघवी* पद से अलंकृत किया ,साथ ही *जय वोरा* मुंबई को *शासन रत्न* ,
*केतन संघवी* राजकोट *जीवदया रत्न*
*मुकेश नाहर* जोधपुर को *जिनवाणी रत्न*
से अलंकृत किया
संस्था के आगामी अधिवेशन का लाभ लेने वाले श्री *जितेश भाई शाह (2027)* एवं *ख्याली लाल जी सोनीगढ़ा* (2028)का बहुमान गुरु आशीर्वाद से एवं संस्था पदाधिकारी ने किया
कार्यक्रम का व्यवस्थित संचालन कर रही संचालक *संगीता बाफना संगी* का सम्मान अतिथि एवं संस्था पदाधिकारीयों ने किया
आभार संस्था महामंत्री ने किया
अधिवेशन के प्रथम सत्र का सफल संचालन *संगीता संगी मुंबई* ने किया
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*संस्था का द्वितीय सत्र*
दोपहर के बाद आयोजित हुआ इस सत्र में संगम सितारे के रचनाकारों का सम्मान *संगम सितारे* अलंकरण के साथ बहुमान किया
संस्था कि वार्षिक गतिविधी अन्तर्गत नित्य लेखन का सम्मान *नैनमल जी जैन चेन्नई , राजेंद्र जी गुलेच्छा बेंगलुरु एव कमलेश नाहटा जबलपुर* को दिया गया
द्वितीय सत्र का संचालन *नेहा निश्छल दिल्ली* ने किया
*26-6-2026*
अधिवेशन *तृतीय सत्र*
सहभागी साहित्य कारों का कवि सम्मेलन रात्रि ८ बजे प्रारंभ हुआ मंच से काव्य के विभिन्न रसों की सावनी बौछार रात्रि के २ बजते -बजते मूसलाधार बारिश बनकर बरसी।
अधिवेशन के सत्र का संचालन जयंतीलाल *जागरूक चेन्नई* *लोकेश सरगम* नागदा *चिराग जैन चैतन्य नीमच* ने निराले अंदाज में किया और सदन को ठहाके लगाने और वाह वाह करने के लिए मजबूर कर दिया
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*अधिवेशन तृतीय दिवस*
*27 सितम्बर 2026*
रविवार
*प्रथम सत्र*
संगम के इतिहास में इस सत्र का समय स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया जब
*परम पूज्य श्री भव्य रत्न विजय मुनि जी*
का आयोजन स्थल पर पदार्पण हुआ,
मुनि श्री के आगमन पर संस्था द्वारा गहुली की गई , पाठ पर सुंदर गहुली बनाने का लाभ श्रीमती मुकेश नाहर जोधपुर ने किया
पूज्य गुरुदेव के पाट पर विराजमान होने के पश्चातगुरू वंदना गीत मधुर कण्ठ से *मनोज जैन मनोकामना* ने गाया
मुनि श्री ने अमृत मय वाणी से प्रवचन देते हुए सभा में उपस्थित हर सदस्य के प्रश्नों का उत्तर दिया और समाधान किया
गुरुदेव श्री ने भौतिकता वाद से आध्यात्म वाद की और अपनी जीवन यात्रा के वृत्तांत ने श्रोताओं पर अमिट छाप छोड़ी।
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*अधिवेशन द्वितीय सत्र में*
ललिता जोगड़ मुंबई
मनीषा मरडिया चेन्नई
सीमा जैन मनोकामना झाबुआ
संगीता बाफना संगी मुंबई , शोभा जैन रतलाम
के मुख्य आतिथ्य में महिला रचनाकारों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर आयोजन में चार चांद लगा दिए
इस अवसर पर श्री राजेश डागा एवं श्रीमती शकुन डागा ने अपने युगल डांस से सदन को हास्य से ओतप्रोत कर दिया
इस सत्र का संचालन *शकुंतला सरूपरिया उदयपुर* ने शायराना अंदाज़ में कर सदन को प्रभावित किया
सायंकाल सत्र शत्रुंजय नदी आरती, मंदिर दर्शन से प्रारंभ हुआ
रात्रि ८ बजे से पुनः काव्य की रसधार रात्रि २ बजे तक निर्बाध बही।
अध्यक्षीय समापन उद्बोधन में *2027अधिवेशन* के अहमदाबाद आयोजन की घोषणा का उपस्थित सभी सदस्यों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया
अधिवेशन समापन पर महाभारत प्रदर्शन संस्था महामंत्री ने किया
संगम परिवार की भीगी आँखें आत्मीयता का चरम बिन्दु थी अगले वर्ष पुनः मिलने के शुभ भावों के साथ सभी ने अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।
संगम अधिवेशन 2026 में पधारे समस्त सदस्यों और पदाधिकारियों का ह्रदय तल से आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने मुझे इस आयोजन की व्यवस्था का कार्य प्रदान किया
*आपका*
*मनोज जैन मनोकामना*
*राष्ट्रीय महामंत्री*
*अंतर्राष्ट्रीय जैन साहित्य संगम*
