*शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा आयोजित पर्यावरणीय स्लोगन प्रतियोगिता के विजेताओं को मिला सम्मान*
झाबुआ। स्वर्गीय पंडित जमुना प्रसाद देवल, स्वतंत्रता सेनानी, के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा आयोजित पर्यावरणीय स्लोगन प्रतियोगिता का जिला स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह बुधवार, 4 नवंबर 2026 को वयम् गुरुकुलम में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समारोह में जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रतिभागियों, प्राचार्यों, शिक्षकों एवं अतिथियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का संचालन वयम् गुरुकुलम के उपप्राचार्य मकरंद आचार्य ने किया। विद्यालय की प्राचार्य द्वारा आयोजन की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की गई तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के पर्यावरण शिक्षा विषय के प्रांत संयोजक पंडित राजकुमार देवल ने प्रतियोगिता की प्रस्तावना रखते हुए इसके उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रतियोगिता का आयोजन 23 से 31 अक्टूबर के मध्य जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में किया गया था। विद्यालय स्तर पर कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिता की थीम *“प्रकृति के पंचमहाभूतों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु प्रेरणादायी एवं प्रभावकारी संदेश”* रखी गई थी। विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर चयनित प्रतिभागियों में से जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
पुरस्कार वितरण की घोषणा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की प्रांतीय सह-संयोजिका (विद्यालय शिक्षा) श्रीमती अंबिका टवली द्वारा की गई।
*महाविद्यालय स्तर के विजेता*
प्रथम स्थान पर शासकीय महाविद्यालय, राणापुर की बी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा सुश्री अंजली सोलंकी रहीं।
द्वितीय स्थान पर आईपीएस एकेडमी, झाबुआ की सुश्री पारिधि मेरावत एवं शासकीय महाविद्यालय, पेटलावद के बी.ए. प्रथम वर्ष के विद्यार्थी श्री भुरेश चरपोटा रहे।
तृतीय स्थान पर माँ त्रिपुरा कॉलेज, झाबुआ की बी.फार्म. प्रथम वर्ष की छात्रा सुश्री रोशनी वसुनिया एवं मातृपुरा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की जी.एन.एम. प्रथम वर्ष की छात्रा सुश्री आशा मेड़ा रहीं।
*विद्यालय स्तर के विजेता*
प्रथम स्थान शासकीय नवीन माध्यमिक शाला बालमंदिर विद्यालय के कक्षा सातवीं के विद्यार्थी श्रीराम चौधरी ने प्राप्त किया।
द्वितीय स्थान पर न्यू क्लास स्कूल की कक्षा आठवीं की सुश्री नव्या राठौर एवं शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय, बुनियादी, झाबुआ की कक्षा नौवीं की सुश्री भाविनी चौहान रहीं।
तृतीय स्थान पर शारदा विद्या मंदिर, झाबुआ की कक्षा छठवीं की सुश्री जागृति सिंगार एवं शासकीय सांदीपनि विद्यालय, झाबुआ की सुश्री प्रतीक्षा लालू गणावा रहीं।
*विशेष पुरस्कार*
विशेष पुरस्कार के लिए इंदौर पब्लिक स्कूल की कक्षा बारहवीं की सुश्री अंतरा भावोर एवं वयम् गुरुकुलम की कक्षा नौवीं की सुश्री सिद्धिक्षा आचार्य का चयन किया गया। साथ ही पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य कर रहे पार सिंह जी एवं शैफाली त्रिवेदी जी को भी पुरस्कृत किया गया
समारोह में शासकीय कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजना मुवेल ने अपने उद्बोधन में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार बनने की प्रेरणा दी।
इसके पश्चात शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सह-संयोजक एवं शारदा समूह के संचालक श्री ओम प्रकाश शर्मा ने अपने उद्बोधन में पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग एवं पर्यावरण के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी जैसे विषयों पर विस्तार से विचार रखे।
श्री शर्मा ने आगामी 16 नवंबर को प्रारंभ होने वाले जल संरक्षण महाअभियान ‘आधा गिलास पानी अभियान’ की जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान का उद्देश्य पानी की बर्बादी रोकने तथा प्रत्येक व्यक्ति में जल संरक्षण की आदत विकसित करना है। उन्होंने आधा गिलास पानी लेने, आवश्यकता के अनुसार ही पानी उपयोग करने तथा जल की प्रत्येक बूंद का महत्व समझने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनसमुदाय से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के जिला संयोजक श्री सोहन जी डावर ने आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का विधिवत समापन हुआ।
इस अवसर पर सभी विजेता प्रतिभागियों, उनके साथ आए अतिथियों, विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों एवं उपस्थित जनसमुदाय को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से औषधीय पौधों का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल विचार या नारा नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक जीवन का संकल्प और व्यवहार बनना चाहिए।
