*एसडीओपी मोनिका सिंह एवं थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह भदौरिया ने किया विद्यार्थियों का मार्गदर्शन, जिज्ञासाओं का किया समाधान*
झाबुआ। विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक शिक्षा एवं सामाजिक व्यवस्थाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से वयम् गुरुकुलम विद्यालय, झाबुआ द्वारा स्थानीय पुलिस थाने का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था एवं नागरिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान एसडीओपी झाबुआ मोनिका सिंह एवं थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह भदौरिया ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने बच्चों को पुलिस थाने में होने वाली विभिन्न प्रक्रियाओं, पुलिस की जिम्मेदारियों तथा समाज में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में सरल एवं रोचक ढंग से समझाया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को पुलिस कंट्रोल रूम का भ्रमण भी करवाया गया, जहाँ उन्होंने सूचनाओं के आदान-प्रदान, आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की कार्यप्रणाली तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं के संचालन के बारे में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अनेक प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों ने सहजता एवं आत्मीयता के साथ समाधान किया।
अनुभव आधारित शिक्षा से जिम्मेदार नागरिक निर्माण का संकल्प
विद्यालय प्रबंधन ने अपने शैक्षणिक दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि वयम् गुरुकुलम में शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़कर उनका सर्वांगीण विकास करना है। विद्यालय का मानना है कि जब बच्चे समाज की विभिन्न संस्थाओं और उनकी कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखते एवं समझते हैं, तो उनमें जागरूकता, आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है।
विद्यालय का यह भी मानना है कि बच्चों के मन में पुलिस के प्रति भय नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान एवं सहयोग की भावना विकसित होना आवश्यक है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर देते हैं कि पुलिस समाज की सुरक्षा, सहायता एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली महत्वपूर्ण संस्था है।
वयम् गुरुकुलम का प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी केवल परीक्षा में सफल होने वाला छात्र ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, जागरूक, आत्मनिर्भर एवं जिम्मेदार नागरिक बने। इसी उद्देश्य से विद्यालय द्वारा समय-समय पर अनुभव आधारित शिक्षण गतिविधियों एवं शैक्षणिक भ्रमणों को विशेष महत्व दिया जाता है।
विद्यालय के संचालक ओम शर्मा, प्राचार्य दीपशिखा तिवारी एवं उपप्राचार्य मकरंद आचार्य ने विद्यार्थियों को बहुमूल्य समय देकर मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए पुलिस विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय अनुभव रहा, जिसने उन्हें कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन की व्यवस्थाओं को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।
