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*वोकल फॉर लोकल के तहत स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों को मिलेगा प्रोत्साहन*

राजेंद्र राठौर
03 एवं 04 नवंबर को दीपोत्सव-2026 का होगा आयोजन


*आजीविका दीदियों, दिव्यांगजनों एवं बाल संप्रेक्षण गृह के बच्चों द्वारा निर्मित सामग्रियों का होगा प्रदर्शन एवं विक्रय*

झाबुआ l जिला प्रशासन झाबुआ द्वारा "वोकल फॉर लोकल" अभियान के अंतर्गत दीपोत्सव-2026 का आयोजन 03 एवं 04 नवंबर 2026 को किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देना, ग्रामीण कारीगरों के कौशल को बढ़ावा देना तथा स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसरों को सशक्त बनाना है।

दीपोत्सव-2026 के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की आजीविका दीदियों, दिव्यांगजनों, बाल संप्रेक्षण गृह के बच्चों एवं ग्रामीण कारीगरों द्वारा निर्मित विभिन्न आकर्षक सामग्रियों की प्रदर्शनी एवं विक्रय किया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला एवं कौशल प्रदर्शित करने के साथ ही उनके द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का अवसर प्राप्त होगा।

आयोजन में स्थानीय स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण कारीगरों द्वारा निर्मित विविध उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से गलसन माला, बांस से निर्मित सामग्री, मिठाई, नमकीन, चिप्स, सेव, टमाटर केचप, टोस्ट, खारी, सोयाबीन तेल सहित विभिन्न खाद्य पदार्थ, मिट्टी के घोड़े, दीपक, कुल्हड़, गोबर से निर्मित गणेश प्रतिमाएं, टेराकोटा मूर्तियां, पिथौरा पेंटिंग, रंगोली के रंग, मोरपंख, तोरण, गुड़िया, डिजाइनर दीपक, लाइटिंग सामग्री, सजावट के विविध उत्पाद, जैविक सामग्री एवं दालें सहित अन्य स्थानीय उत्पाद प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे।

कलेक्टर डॉ. भरसट के निर्देशन में आयोजित इस दीपोत्सव के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, दिव्यांगजनों, बाल संप्रेक्षण गृह के बच्चों एवं ग्रामीण कारीगरों की रचनात्मक प्रतिभा तथा पारंपरिक कला को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही स्थानीय उत्पादों की बिक्री से उनकी आजीविका को सुदृढ़ करने एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी।

दीपोत्सव-2026 का आयोजन 03 एवं 04 नवंबर 2026 को प्रातः 10:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक आजीविका कला दीर्घा भवन, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा कार्यालय के सामने, झाबुआ में किया जाएगा।

जिला प्रशासन द्वारा जिले के समस्त नागरिकों से अपील की गई है कि वे दीपोत्सव-2026 में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी करें तथा स्वयं सहायता समूहों की आजीविका दीदियों, दिव्यांगजनों, बाल संप्रेक्षण गृह के बच्चों एवं ग्रामीण कारीगरों के प्रयासों को प्रोत्साहित करते हुए "वोकल फॉर लोकल" अभियान को सफल बनाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

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