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*झाबुआ के कॉलेज छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़! बीए सेकंड ईयर एटीकेटी रिजल्ट में भारी धांधली का आरोप, NSUI के तीखे तेवरों के आगे झुका DAVV प्रबंधन*

राजेंद्र राठौर
झाबुआ/इंदौर:
झाबुआ जिले के उच्च शिक्षा विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) द्वारा घोषित बीए (BA) द्वितीय वर्ष एटीकेटी (ATKT) के परीक्षा परिणामों में एक बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई। आक्रोशित छात्रों का आरोप है कि कॉपियों को बिना जांचे, आंखें मूंदकर 'जैसे के तैसे' (वही के वही) नंबर चढ़ा दिए गए हैं। छात्रों के भविष्य पर मंडराते इस खतरे को देखते हुए एनएसयूआई (NSUI) झाबुआ के जिला अध्यक्ष नरवेश अमलियार एवं जुझारू छात्र नेता विनोद गणावा के नेतृत्व में एक विशाल प्रतिनिधिमंडल सीधे इंदौर विश्वविद्यालय मुख्यालय पहुंचा। वहां उन्होंने परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी का घेराव करते हुए एक कड़ा ज्ञापन सौंपा।
इस पूरे घटनाक्रम और छात्र नेताओं की तल्खी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन बैकफुट पर नजर आ रहा है:
• छात्र नेताओं की अगुवाई में बड़ा कदम: एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष नरवेश अमलियार और छात्र नेता विनोद गणावा ने छात्रों की इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विश्वविद्यालय के आला अधिकारियों के सामने कड़े शब्दों में आपत्ति दर्ज कराई कि आदिवासी अंचल झाबुआ के छात्रों के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार और उनकी कॉपियों के मूल्यांकन में इतनी बड़ी लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
• सैकड़ों छात्रों के भविष्य पर संकट: शहीद चंद्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, झाबुआ सहित जिले के तमाम कॉलेजों के सैकड़ों छात्र इस कथित मूल्यांकन घोटाले का शिकार हुए हैं। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय की इस गंभीर लापरवाही से उनका पूरा साल बर्बाद होने की कगार पर है।
• NSUI की दोटूक चेतावनी: नरवेश अमलियार और विनोद गणावा ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि कॉपियों की पुन: जांच (Re-evaluation) युद्ध स्तर पर की जाए और जल्द से जल्द पारदर्शी तरीके से परिणाम घोषित किए जाएं, अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
• परीक्षा नियंत्रक को झुकना पड़ा, मिला 7 दिन का अल्टीमेटम: छात्र नेताओं के आक्रोश और ठोस दावों के आगे झुकते हुए परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए आश्वासन दिया है कि महज एक सप्ताह (7 दिन) के भीतर सभी कॉपियों की फिर से री-चेकिंग करवाकर संशोधित परिणाम युद्ध स्तर पर घोषित किए जाएंगे।
झाबुआ के छात्रों के हक में एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष और छात्र नेताओं द्वारा उठाए गए इस दमदार कदम के बाद अब सभी की निगाहें DAVV के अगले कदम और एक हफ्ते के भीतर आने वाले संशोधित नतीजों पर टिकी हैं।

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