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*वयं गुरुकुलम के विद्यार्थियों ने किया बाल संप्रेक्षण गृह परिसर का शैक्षणिक भ्रमण*

राजेंद्र राठौर


*विद्यार्थियों को मिली किशोर न्याय प्रणाली, बाल अधिकारों एवं सामाजिक पुनर्वास की महत्वपूर्ण जानकारी*
झाबुआ। वयं गुरुकुलम के विद्यार्थियों को व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ने एवं उनमें सामाजिक संवेदनशीलता, जिम्मेदारी तथा कानून के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से आज बाल संप्रेक्षण गृह परिसर का शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने किशोर न्याय प्रणाली, बाल संरक्षण, विधिक सहायता एवं बच्चों के सुधार और पुनर्वास से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
भ्रमण के दौरान किशोर न्याय बोर्ड के मानसेवी मजिस्ट्रेट प्रदीप जैन ने विद्यार्थियों को पूरे परिसर का भ्रमण करवाया तथा बाल संप्रेक्षण गृह परिसर की कार्यप्रणाली से परिचित कराया। उन्होंने किशोर न्याय व्यवस्था के उद्देश्य को समझाते हुए बताया कि कानून का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि विधि से संघर्षरत किशोरों को सुधार, शिक्षा एवं उचित मार्गदर्शन के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।

बाल संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक राधूसिंह बघेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुशासन, अच्छे संस्कार एवं सही संगति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने समझाया कि जीवन में लिए गए छोटे-छोटे निर्णय भी हमारे भविष्य को प्रभावित करते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को सदैव सकारात्मक सोच, जिम्मेदार व्यवहार और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बाल संप्रेक्षण गृह में किशोरों के सुधार, शिक्षा एवं पुनर्वास के लिए की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी भी दी।

इस अवसर पर श्रीमती मंजुला जोशी, प्रशिक्षक श्रीमती पूजा दांगी, वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक श्रीमती लीला परमार, ऑपरेटर सुश्री अंकिता लाखेरी तथा विधिक सहायता से जयदेव मानिक की गरिमामयी उपस्थिति रही। भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा जरूरतमंद व्यक्तियों को उपलब्ध सहायता व्यवस्थाओं के विषय में जानने का अवसर मिला।

विद्यार्थियों के लिए यह भ्रमण विशेष रूप से ज्ञानवर्धक एवं संवेदनशील अनुभव रहा। उन्होंने समझा कि प्रत्येक बच्चे को सही मार्गदर्शन, शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। साथ ही समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों और कानून के सम्मान का महत्व भी जाना।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि वयं गुरुकुलम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें समाज की वास्तविक व्यवस्थाओं से परिचित कराकर एक जागरूक, संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना है। इसी उद्देश्य से विद्यालय द्वारा समय-समय पर विभिन्न संस्थानों के शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाते हैं, ताकि विद्यार्थी कक्षा में अर्जित ज्ञान को वास्तविक जीवन से जोड़ सकें।

यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए सामाजिक जागरूकता, मानवीय मूल्यों एवं जीवनोपयोगी शिक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।

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