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*शासकीय कन्या महाविद्यालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया*

राजेंद्र राठौर


झाबुआ। शासकीय कन्या महाविद्यालय झाबुआ में स्वामी विवेकानंद करियर एवं मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के अंतर्गत यूपीएससी,एमपीपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित विभिन्न पदों की भर्ती परीक्षाओं और आवश्यक योग्यता पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्राचार्य प्रो. अंजना सोलंकी ने कहा कि विद्यार्थी अपने सपनों को पहचानने, अपने भीतर छिपी क्षमताओं को जागृत करने और जीवन में एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने के उद्देश्य से तैयारी करें।
स्वामी विवेकानंद ने कहा था—
"उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।"
यह केवल एक प्रेरक वाक्य नहीं है, बल्कि सफलता प्राप्त करने का जीवन-दर्शन है।

प्रो. ज्योति भाभर ने आप UPSC या MPPSC के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती हैं, तो सबसे पहले अपने मन में यह विश्वास पैदा कीजिए कि आप भी यह उपलब्धि हासिल कर सकती हैं।

प्रो. सुनीता गहलोत ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता मिलना कोई असामान्य बात नहीं है। कई बार विद्यार्थी एक, दो या तीन प्रयासों में सफल नहीं हो पाते लेकिन असफलता का अर्थ यह नहीं है कि आपकी योग्यता कम है।
असफलता हमें अपनी कमियों को पहचानने और स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर देती है।,

प्रो विजय कुमार ने कहा कि UPSC और MPPSC जैसी परीक्षाओं में सफलता के लिए केवल अधिक पढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही दिशा में नियमित अध्ययन करना आवश्यक है।
प्रतिदिन पढ़ाई का समय निर्धारित करें।

प्रो. प्रकाश अलंसे ने कहा कि आज मोबाइल और इंटरनेट ज्ञान के बड़े साधन हैं, लेकिन यही साधन हमारे समय की बर्बादी का कारण भी बन सकते हैं।
सोशल मीडिया पर अनावश्यक समय व्यतीत करने के स्थान पर उसका उपयोग ऑनलाइन व्याख्यान, अध्ययन सामग्री, सरकारी वेबसाइटों और प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी प्राप्त करने में करें। 

डॉ. राजेश भाभर ने कहा कि आज महिलाएँ प्रशासन, पुलिस, न्यायपालिका, शिक्षा, विज्ञान और राजनीति सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
हमारी छात्राओं के सामने भी असीमित संभावनाएँ हैं।
आपको अपनी परिस्थितियों, आर्थिक स्थिति, ग्रामीण पृष्ठभूमि या संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी नहीं बनने देना है।
झाबुआ जैसे आदिवासी अंचल की बेटियाँ भी देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं तक पहुँच सकती हैं। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी डॉ. सारिका डुडवे भी उपस्थित रही।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मुकेश अजनार ने किया एवं धन्यवाद एवं आभार प्रो. सुरेश भूरिया ने माना।

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