दिनांक 24.10.2026 को एकलव्य स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा पैदल झाबुआ स्थित कलेक्टर कार्यालय जाने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार द्वारा बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना ना घटित हो जाए इसे पुलिस टीम को लगाया गया।
सूचना पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेंद्र सिंह चौहान, एडीएम चंदरसिंह सोलंकी, एसडीम रितिका पाटीदार, एसडीओपी पेटलावद सुश्री अनुरक्ति सबनानी, थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया, थाना प्रभारी कल्याणपुरा उप निरीक्षक एडमिर तोमर, थाना प्रभारी रायपुरिया निरीक्षक गीता जाटव एवं अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुँची।
टीम द्वारा विद्यार्थियों से उनकी समस्याओं एवं मांगों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर उन्हें समझाइश देने का प्रयास किया गया।
इस दौरान रैली में विद्यार्थियों का नेतृत्व कर रहे तीन व्यक्ति विद्यार्थियों को गुमराह एवं उत्तेजित कर प्रशासनिक अधिकारियों की बात नहीं मानने तथा पैदल झाबुआ की ओर आगे बढ़ने के लिए उकसा रहे थे। आरोपियों द्वारा विद्यार्थियों से कहा जा रहा था कि वे प्रशासन के किसी भी अधिकारी की बात न मानें तथा उनके कहे अनुसार ही कार्य करें।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम एवं पते निम्नानुसार हैं:
* प्रेमसिंह पिता मेहजी भूरिया, उम्र 32 वर्ष, निवासी उन्नई।
* नरवेसिंह पिता बाबूसिंह सोलंकी, उम्र 28 वर्ष, निवासी बावड़ी।
* गोविन्द पिता राणजी अमलियार, उम्र 23 वर्ष, निवासी अमरगढ़।
ग्राम बैड़दा में स्कूल की पुलिया के आगे एडीएम झाबुआ एवं एसडीएम पेटलावद द्वारा विद्यार्थियों को पुनः समझाइश दी गई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं एवं मांगों को गंभीरता से सुना जाएगा तथा उनके निराकरण के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। साथ ही, मार्ग सिंगल पट्टी का होने एवं सड़क पर किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए विद्यार्थियों को पैदल झाबुआ जाने के बजाय बस से जाने की समझाइश दी गई।
इस दौरान तीनों आरोपियों द्वारा विद्यार्थियों को पुनः उकसाकर झाबुआ जाने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशासन एवं पुलिस की समझाइश के बावजूद उनके द्वारा विद्यार्थियों को झाबुआ ले जाने की बात कही जाती रही। विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए किसी अप्रिय घटना तथा शांति भंग होने की आशंका के मद्देनजर पुलिस द्वारा तीनों व्यक्तियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया गया।
तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया।
