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*सेवा-संकल्प अभियान अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ के तहत कैरियर काउंसलिंग का आयोजन*

राजेंद्र राठौर
*‘मेरे सपनों का भारत’ थीम पर भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता के चयनित प्रतिभागियों का हुआ सम्मान*
*विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता को पहचानकर चुनें भविष्य की राह — मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया*
*लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करें, अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य को पहचानें — कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट*
झाबुआ, 19 सितम्बर 2026। सेवा-संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ गतिविधि के तहत सांदीपनि विद्यालय, झाबुआ में विद्यार्थियों के लिए विशेष कैरियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कैरियर काउंसलिंग सत्र में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास, स्वरोजगार तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध कैरियर अवसरों के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया। विद्यार्थियों को अपनी रुचि, योग्यता एवं क्षमता के अनुरूप कैरियर का चयन करने, भविष्य के लिए लक्ष्य निर्धारित करने तथा उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया गया।
*विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुरूप करें कैरियर का चयन — मंत्री सुश्री भूरिया*
महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन का निरंतर प्रयास है कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। विद्यार्थियों के जीवन में कक्षा 12वीं के बाद आगे के मार्ग का चयन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए सही समय पर कैरियर संबंधी मार्गदर्शन आवश्यक है। कई बार माता-पिता के पास विभिन्न कैरियर विकल्पों की पर्याप्त जानकारी नहीं होने के कारण विद्यार्थियों के लिए निर्णय लेना कठिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में शिक्षकों और कैरियर काउंसलिंग की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि विद्यार्थियों के सामने आज अनेक अवसर उपलब्ध हैं। आवश्यकता इस बात की है कि वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप सावधानीपूर्वक सही विकल्प का चयन करें। कैरियर काउंसलिंग का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करने की दिशा में मार्गदर्शन देना नहीं है, बल्कि युवाओं को स्वरोजगार एवं स्टार्टअप जैसे विकल्पों के प्रति भी जागरूक करना है, जिससे वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकें।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धा के दौर में विद्यार्थियों पर अनावश्यक मानसिक दबाव नहीं होना चाहिए। विद्यार्थी पढ़ाई के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी भाग लें। एक बार सफलता नहीं मिलने पर निराश न हों, बल्कि निरंतर प्रयास करते रहें। जीवन में प्रत्येक परिस्थिति हमारी इच्छा के अनुरूप नहीं होती, इसलिए स्वयं को हर परिस्थिति के लिए तैयार करना आवश्यक है। दूसरों से अपनी तुलना कर स्वयं को कम न आंकें और नकारात्मक विचारों को स्वयं पर हावी न होने दें।
मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी ‘मन की बात’ एवं ‘परीक्षा पे चर्चा’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें प्रेरित करते हैं। उन्होंने ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर विद्यार्थियों द्वारा तैयार चित्रों एवं प्रस्तुत विचारों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की कल्पनाओं और विचारों को देखकर मन प्रफुल्लित होता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वर्तमान एआई और तकनीक के दौर में विद्यार्थियों के लिए यह समझना भी आवश्यक है कि मोबाइल एवं एआई का उपयोग किस प्रकार किया जाए। मोबाइल के उपयोग का समय निर्धारित होना चाहिए तथा तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग अध्ययन एवं ज्ञानवर्धन के लिए किया जाए। विद्यार्थियों को तकनीक के दुरुपयोग से बचना चाहिए।
*अपनी प्रतिभा और क्षमता को पहचानकर निर्धारित करें लक्ष्य — कलेक्टर डॉ. भरसट*
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कहा कि सेवा-संकल्प अभियान अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। विकसित भारत 2047 की परिकल्पना में युवा वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी उद्देश्य से भाषण एवं चित्रकला जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह अवसर दिया गया है कि वे भारत के भविष्य को लेकर अपनी सोच और कल्पनाओं को अभिव्यक्त करें।

कलेक्टर डॉ. भरसट ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि उनके बीच आकर उन्हें भी अपने स्कूली दिनों की याद आ गई। उन्होंने भाषण प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आत्मविश्वास रखें। प्रत्येक विद्यार्थी अलग है और प्रत्येक के विचार, प्रतिभा एवं क्षमताएं भी अलग-अलग हैं। इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में अपने विचार व्यक्त करने से कभी न डरें।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी किताबी ज्ञान के साथ स्वयं का अध्ययन भी अवश्य करें। अपनी खूबियों, क्षमताओं और रुचियों को पहचानना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। चित्रकला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की अलग-अलग प्रतिभाएं देखने को मिली हैं। प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशिष्ट गुण होता है। उसी के अनुरूप अपने कैरियर की दिशा चुनें। अपनी क्षमता और शक्ति को पहचानकर भविष्य का मार्ग निर्धारित करें, उसे अपना लक्ष्य बनाएं और लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। प्रयास इस बात का होना चाहिए कि हम स्वयं को प्रतिदिन और बेहतर बनाएं, न कि केवल किसी दूसरे से बेहतर बनने की कोशिश करें।

कलेक्टर डॉ. भरसट ने विद्यार्थियों को विभिन्न कैरियर विकल्पों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी और उसके स्वरूप के संबंध में भी विद्यार्थियों को विस्तार से बताया। साथ ही जिले के उन्नत किसानों का उदाहरण देते हुए बताया कि कृषि के क्षेत्र में भी नई तकनीकों और उन्नत पद्धतियों को अपनाकर आगे बढ़ने के अनेक अवसर उपलब्ध हैं।

उन्होंने ‘नन्हीं चींटी’ कविता का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करें। खेल के क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य रखें। पढ़ाई के साथ खेल एवं मनोरंजन पर भी ध्यान दें, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके।

कलेक्टर ने कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, अधिवक्ता सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनेक कैरियर विकल्प उपलब्ध हैं। विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप क्षेत्र का चयन करें। झाबुआ जिले के विद्यार्थियों में अपार प्रतिभा है। जिले के बच्चे जितना आगे बढ़ेंगे, उतना ही वे अपने परिवार के साथ जिले और देश का नाम रोशन करेंगे।

*विद्यार्थियों से किया संवाद, जिज्ञासाओं का किया समाधान*
कैरियर काउंसलिंग के दौरान मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट एवं उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। विद्यार्थियों ने कैरियर चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा एवं भविष्य की संभावनाओं से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका समाधान करते हुए उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

*‘मेरे सपनों का भारत’ पर विद्यार्थियों ने रखी विकसित भारत की परिकल्पना*
इसी क्रम में ‘मेरे सपनों का भारत’ थीम पर जिले के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने अपने सपनों के भारत और विकसित भारत की परिकल्पना को भाषण एवं चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

भाषण प्रतियोगिता में ऋषि अरविन्द ने वर्ष 2047 में भारत की आजादी के 100 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख करते हुए विकसित भारत की अपनी परिकल्पना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं प्रत्येक भारतीय तक आसानी से पहुंचें, बेटियां सुरक्षित एवं सशक्त होकर प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ें तथा विज्ञान एवं तकनीक में प्रगति के साथ पर्यावरण भी सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल विचारों से नहीं, बल्कि विद्यार्थियों एवं युवा शक्ति के सामूहिक प्रयासों से साकार होगा।

गरिमा गोस्वामी ने अपने भाषण में ऐसे भारत की कल्पना प्रस्तुत की, जहां प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान मिले, हर बच्चे को अच्छी शिक्षा उपलब्ध हो तथा देश ज्ञान, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़े। उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि सपनों के भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारीपूर्वक पालन करना होगा।

*चित्रकला प्रदर्शनी का किया अवलोकन, चयनित प्रतिभागियों का सम्मान*
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों द्वारा तैयार चयनित चित्रों की प्रदर्शनी सांदीपनि विद्यालय में लगाई गई। मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट एवं अन्य अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों की रचनात्मकता एवं विकसित भारत को लेकर उनकी कल्पनाओं की सराहना की।

चित्रकला प्रतियोगिता में मोना पिता रूपचन्द कतीजा, कक्षा 11वीं ने प्रथम, सौरभ पिता हरीश नलवाया, कक्षा 11वीं ने द्वितीय तथा लक्ष्मी निनामा, कक्षा 11वीं ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

भाषण प्रतियोगिता में गरिमा गोस्वामी ने प्रथम, फिरदोस हसन शेख ने द्वितीय तथा ऋषि अरविन्द ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट एवं अतिथियों द्वारा चयनित प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इस दौरान सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती सुप्रिया बिसेन, प्राचार्य एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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