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राष्ट्रीय सेवा योजना एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् द्वारा मनाया गया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

राजेंद्र राठौर
झाबुआ, 14 अगस्त। शासकीय कन्या महाविद्यालय, झाबुआ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में "विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस" का आयोजन श्रद्धापूर्वक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभाजन के दौरान असंख्य लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन एवं बलिदान को स्मरण करते हुए छात्राओं में राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी ने की तथा मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता दर्शन कहार प्रांत मंत्री मालवा प्रांत रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रीति एस. त्रिपाठी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि "जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी" की भावना हमें अपनी मातृभूमि के सम्मान, सुरक्षा और गौरव की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा देती है। उन्होंने छात्राओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता दर्शन कहार ने भारत विभाजन के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य को विस्तार से बताते हुए उस समय लाखों लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन, हिंसा और अमानवीय अत्याचारों का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों पर हुए अत्याचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाजन का यह दर्द भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. अंजना सोलंकी ने "वसुधैव कुटुम्बकम्" के भारतीय दर्शन की व्याख्या करते हुए कहा कि छात्राओं को अपने देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और विभाजन की घटनाओं का समुचित ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेकर ही हम राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को और अधिक सशक्त बना सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने सभी को देश की एकता एवं अखंडता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई।
कार्यक्रम के दौरान विभाजन की विभीषिका में अपने प्राण गंवाने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात नागरिकों एवं स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. प्रीति एस. त्रिपाठी ने किया तथा आभार प्रदर्शन देवयानी अजनार ने व्यक्त किया। इस अवसर पर विभाग संगठन मंत्री अंकित  काग, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पदाधिकारी, महाविद्यालय के शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेवी छात्राएँ उपस्थित रहीं।

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