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*हाथों में तिरंगा, सजी हुई बैलगाड़ियां, मांदल की थाप और पारंपरिक नृत्य के साथ निकली आकर्षक तिरंगा यात्रा*

राजेंद्र राठौर

*हर घर तिरंगा अभियान के तहत राणापुर में निकली पारंपरिक बैलगाड़ी तिरंगा यात्रा*

*कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट हुए शामिल*
*मांदल की थाप और पारंपरिक नृत्य ने बिखेरे जनजातीय संस्कृति के रंग*
झाबुआ। हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत राणापुर के तत्वावधान में गुरुवार को राणापुर नगर में पारंपरिक बैलगाड़ी तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। जिले की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और राष्ट्रप्रेम के अनूठे संगम के रूप में आयोजित इस यात्रा में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट सम्मिलित हुए। हाथों में तिरंगा, सजी हुई बैलगाड़ियां, मांदल की थाप और पारंपरिक नृत्य ने यात्रा को आकर्षक एवं उत्साहपूर्ण बना दिया।

बैलगाड़ी तिरंगा यात्रा का शुभारंभ जनपद पंचायत कार्यालय राणापुर से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों के साथ ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंदों का गायन कर राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।

राष्ट्रगीत के गायन के पश्चात कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने उपस्थित नागरिकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि राणापुर में जब भी इस प्रकार के आयोजन होते हैं, यहां के विद्यार्थी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और नागरिक भी पूरे उत्साह के साथ सम्मिलित होते हैं। उन्होंने आयोजन में सहभागी सभी विद्यार्थियों, नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज हम आजादी का जश्न मना रहे हैं और हर घर में तिरंगा फहराकर राष्ट्रीय ध्वज के प्रति अपना सम्मान प्रकट कर रहे हैं।

कलेक्टर ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने का विशेष अवसर है। वंदे मातरम् को हमें अपने हृदय में स्थान देते हुए इसके राष्ट्रप्रेम के संदेश को घर-घर तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि राणापुर में एक अलग और विशेष स्वरूप में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, जिसमें जिले की जनजातीय संस्कृति और ग्रामीण जीवन की झलक भी दिखाई दे रही है।

कलेक्टर डॉ. भरसट ने कहा कि हमारी जनजातीय संस्कृति में किसान का विशेष महत्व है। किसान अन्नदाता के रूप में सभी का पेट भरता है और आज उसी किसान एवं ग्रामीण संस्कृति से जुड़ी बैलगाड़ी के माध्यम से तिरंगा यात्रा की शुरुआत होना अपने आप में एक बड़ा संदेश है। ग्रामीण अंचल के नागरिक बैलगाड़ी में सवार होकर हाथों में तिरंगा लिए हर घर तिरंगा अभियान का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। यह राष्ट्रप्रेम के साथ हमारी संस्कृति और परंपराओं के सम्मान का भी सुंदर उदाहरण है।

इसके पश्चात तिरंगे से सजी बैलगाड़ियों के साथ यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकली। यात्रा जनपद पंचायत कार्यालय से प्रारंभ होकर झाबुआ नाका, पुलिस थाना एवं बस स्टैंड होते हुए नगर परिषद पहुंची। पूरे मार्ग में राष्ट्रभक्ति का उत्साह दिखाई दिया। यात्रा का समापन नगर परिषद परिसर में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ।

झाबुआ जिले के सांस्कृतिक परिदृश्य को प्रतिबिंबित करती इस अनूठी तिरंगा यात्रा में पारंपरिक बैलगाड़ियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। वहीं मांदल की थाप पर पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य करते कलाकारों एवं नागरिकों ने जनजातीय संस्कृति की मनमोहक छटा बिखेरी। राष्ट्रप्रेम के साथ स्थानीय संस्कृति का यह संगम नगरवासियों को आकर्षित करता रहा।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भानु भूरिया, जिला पंचायत सदस्य बहादुर हटीला, विजय भाबर, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निर्मला भानु भूरिया, नगर पंचायत अध्यक्ष सुश्री दीपमाला नलवाया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ महेश मंडलोई, अन्य अधिकारी-कर्मचारी, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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