झाबुआ। शासकीय कन्या महाविद्यालय, झाबुआ की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में सद्भावना दिवस तथा राष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी ने की।
इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में सद्भावना दिवस मनाते हुए राष्ट्रीय एकता, प्रेम, भाईचारे एवं सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। छात्राओं के लिए निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी ने सभी को राष्ट्रीय एकता, सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने की शपथ दिलाई।
राष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा दिवस के अवसर पर आयोजित व्याख्यानमाला में वक्ताओं ने अक्षय ऊर्जा के महत्व, उपयोगिता एवं पर्यावरण संरक्षण में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का अधिकाधिक उपयोग समय की आवश्यकता है, क्योंकि ये ऊर्जा स्रोत कभी समाप्त नहीं होते तथा पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुँचाते।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी ने कहा कि पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के स्थान पर स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम की जा सकती है तथा पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं से ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग एवं संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत एवं अक्षय ऊर्जा के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए ऊर्जा संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. विजय कुमार ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. मुकेश अजनार ने किया। इस अवसर पर डॉ. प्रकाश अलंसे, डॉ. विद्या चौहान, प्रो. सुरेश भूरिया, प्रो. ज्योति भावर, डॉ. वंदना मंडलोई, डॉ. राजेश भावर सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।