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पेटलावद में हरिराम गेहलोत हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा

राजेंद्र राठौर
*दो आरोपी गिरफ्तार*
• * घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन, हथियार एवं कपड़े  जप्त।*

                          झाबुआ(पेटलावद)।दिनांक 02.08.2026 की रात्रि फरियादिया भुलीबाई, उम्र 42 वर्ष, निवासी मकान नं. 08, अटल बस्ती पेटलावद द्वारा थाना पेटलावद पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसके जान-पहचान के *हरिराम पिता गोमाजी गेहलोत, निवासी धुलेट, जिला धार* के साथ रात्रि के समय *देवा सिंगाड पिता थावरिया सिंगाड, निवासी संजय कॉलोनी राजगढ़, जिला धार, एक विधि-विरुद्ध बालक, देवा के जमाई एवं एक अन्य व्यक्ति* द्वारा गाली-गलौज करते हुए मारपीट की गई, जिससे हरिराम गेहलोत को गंभीर चोटें आईं और उसकी मृत्यु हो गई।

फरियादिया की रिपोर्ट पर थाना पेटलावद में *अपराध क्रमांक 349/2026, धारा 103(1), 115(2), 296(a), 351(2), 3(5) बीएनएस* के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

घटना की गंभीरता इस कारण भी बढ़ गई कि आरोपियों द्वारा कथित मारपीट एवं घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। वीडियो के माध्यम से पेटलावद शहर सहित राजगढ़ एवं धुलेट क्षेत्र में भय एवं दहशत का वातावरण निर्मित करने का प्रयास किया गया, जिससे आमजन में सनसनी फैल गई।

प्रकरण की विवेचना के दौरान थाना राजगढ़, जिला धार से प्राप्त जानकारी के आधार पर आरोपी *देवा उर्फ देवीलाल सिंगाड, निवासी संजय कॉलोनी राजगढ़, जिला धार* के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। आरोपी देवा थाना राजगढ़ क्षेत्र का आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति होकर उसके विरुद्ध पूर्व में *कुल 13 अपराध पंजीबद्ध* होना पाए गए हैं।

*पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई*

पेटलावद क्षेत्र में हुई निर्मम हत्या की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक झाबुआ देवेन्द्र पाटीदार द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। उनके निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया एवं एसडीओपी पेटलावद सुश्री अनुरक्ति साबनानी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक  निर्भयसिंह भूरिया के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए।

घटनास्थल का *फॉरेंसिक टीम द्वारा निरीक्षण* कर आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए। विवेचना के दौरान पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर तंत्र से प्राप्त महत्वपूर्ण सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए प्रकरण के *आरोपी अर्जुन उर्फ राजू भूरिया, निवासी छोटा माछलिया एवं एक विधि-विरुद्ध बालक* को अभिरक्षा में लेने में सफलता प्राप्त की गई।

विवेचना में अब तक सामने आए तथ्यों के अनुसार आरोपी *देवा सिंगाड के फरियादिया भुलीबाई के साथ पिछले लगभग 10–12 वर्षों से संबंध* होने की जानकारी सामने आई है। आरोपी देवा द्वारा ही फरियादिया को पेटलावद में मकान किराये पर दिलवाने तथा उसके खर्च की व्यवस्था किए जाने की बात भी सामने आई है।

पुलिस विवेचना के अनुसार आरोपी देवा को संदेह था कि *हरिराम गेहलोत के भी फरियादिया भुलीबाई के साथ संबंध हैं।* इसी संदेह के आधार पर आरोपी देवा फरियादिया के घर के अंदर गया, जहां उसने हरिराम को देखा। इसके बाद आरोपी देवा एवं उसके साथियों द्वारा फरियादिया तथा हरिराम के साथ मारपीट की गई, जिसमें हरिराम को गंभीर चोटें आने से उसकी मृत्यु हो गई।

विवेचना में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद आरोपी देवा एवं उसके साथियों द्वारा मृतक हरिराम के ग्राम धुलेट स्थित घर पर जाकर उसके परिजनों को डराया-धमकाया गया तथा मारपीट का वीडियो दिखाते हुए यह बताया गया कि हरिराम के फरियादिया भुलीबाई के साथ संबंध होने के संदेह के कारण उसके साथ मारपीट कर हत्या की।

*गिरफ्तार आरोपी*

1. *अर्जुन उर्फ राजू भूरिया, निवासी छोटा माछलिया*
2. *एक विधि-विरुद्ध बालक*

*सराहनीय योगदान*

प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी एवं घटना के सफल अनुसंधान में थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया, उप निरीक्षक गोवर्धन मकवाना, उप निरीक्षक राजाराम भगोरा, सउनि लाखनसिंह भाटी, सउनि महेन्द्रसिंह पटेल, प्रधान आरक्षक 497 पवन चौहान, प्रधान आरक्षक 111 विजय शर्मा, प्रधान आरक्षक 255 अरविन्द बारिया, प्रधान आरक्षक 527 अनिल अमलियार, आरक्षक 259 राजेन्द्र परिहार, आरक्षक 142 कैलाश मोयल, आरक्षक 227 महेन्द्र चन्देल, आरक्षक 377 प्रकाश भगोरा, आरक्षक 191 राहुल, आरक्षक 343 घनश्याम मालवीय, आरक्षक 282 राकेश डामोर एवं चालक आरक्षक मोतीलाल डिण्डोर की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।

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