झाबुआ। शासकीय कन्या महाविद्यालय, झाबुआ में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में "सशक्त युवा–सशक्त भारत" विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा तथा डिजिटल युग की चुनौतियों के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिव कुमार डावर, न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झाबुआ तथा विशिष्ट अतिथि जयदेव माणिक, जिला विधिक सहायता अधिकारी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी ने की। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। एनएसएस की स्वयंसेविकाओं ने अतिथियों का एनएसएस बैज लगाकर स्वागत किया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रीति एस. त्रिपाठी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में "सजग रहें, सचेत रहें, जागरूक बनें और सुरक्षित रहें" का संदेश प्रत्येक युवा तक पहुँचना अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य वक्ता शिव कुमार डावर ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली एवं निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर नागरिक भी आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए छात्राओं को अनजान लिंक एवं एपीके (APK) फाइलें न खोलने, अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति अथवा सोशल मीडिया पर साझा न करने तथा मोबाइल चोरी या हैक होने की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act, 2000) की प्रमुख धाराओं की जानकारी देते हुए जिला विधिक हेल्पलाइन 15100 की उपयोगिता से भी अवगत कराया।
विशिष्ट वक्ता जयदेव माणिक ने छात्राओं को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव, ऑनलाइन ठगी तथा डिजिटल सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी सनसनीखेज समाचार को सत्यता की पुष्टि किए बिना साझा नहीं करना चाहिए तथा सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करना चाहिए। किसी भी साइबर समस्या की स्थिति में जिला साइबर सेल से तत्काल संपर्क कर सहायता प्राप्त करनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तरी में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सही उत्तर देने वाली छात्राओं को अतिथियों द्वारा पेन प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी ने कहा कि वर्तमान समय में अपराधों का स्वरूप बदल गया है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने छात्राओं से अन्याय और अपराध के विरुद्ध निर्भीक होकर आवाज़ उठाने तथा संबंधित विभागों से समय पर सहायता लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. प्रीति एस. त्रिपाठी ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. विद्या चौहान ने किया। इस अवसर पर डॉ. मुकेश अजनार, प्रो. विजय कुमार, प्रो. सुरेश भूरिया, प्रो. ज्योति भावर, डॉ. वंदना मंडलोई सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।