झाबुआ। "विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)" (VB-G RAM-G) के शुभारंभ अवसर पर गुरुवार को पी.एम. श्री शासकीय महाविद्यालय ऑडिटोरियम, झाबुआ में जिला स्तरीय जन सम्मेलन एवं लॉन्च कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश शासन की महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया द्वारा की गई। इस अवसर पर तिरुपति, आंध्रप्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) 1 जुलाई 2026 से लागू किया गया है। इस नई व्यवस्था को लेकर सभी में उत्सुकता एवं अपेक्षाएं थीं। योजना में किए गए परिवर्तन सकारात्मक एवं जनहितकारी हैं, जिनका लाभ कार्यान्वयन के साथ स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों का उद्देश्य ग्राम विकास को केंद्र में रखकर कार्य करना होना चाहिए तथा सभी के समन्वित प्रयासों से ही गांवों एवं क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के बजट का समुचित एवं प्रभावी उपयोग करते हुए विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जा सकेंगी। आवश्यकता एवं पात्रता के आधार पर हितग्राहियों को प्राथमिकता देते हुए लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा। देश के प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री भी अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सतत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह योजना जिले में सुचारू रूप से संचालित होगी तथा ग्रामीण विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष भानु भूरिया ने कहा कि आज इस महत्वाकांक्षी योजना का विधिवत शुभारंभ किया जा रहा है। अब ग्रामीणों को रोजगार के लिए भटकने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि उन्हें रोजगार की गारंटी प्रदान की जाएगी। योजना में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, जिनमें 15 दिवस के भीतर भुगतान सुनिश्चित करना एवं बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान प्रमुख है। उन्होंने इस अभिनव योजना के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा अधिसूचित विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के तहत 1 जुलाई 2026 से नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके लागू होने के साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 निरस्त माना जाएगा। यह परिवर्तन विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिवस के वैधानिक रोजगार की गारंटी प्रदान की जाएगी। योजना के अंतर्गत कार्यों को चार प्रमुख प्राथमिकता क्षेत्रों- जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका अवसंरचना एवं जलवायु अनुकूलन- में विभाजित किया गया है, जिससे टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।
उन्होंने बताया कि योजना में कृषि कार्यों के व्यस्त समय के दौरान अधिकतम 60 दिवस तक "कृषि अवकाश (पॉज विंडो)" का प्रावधान किया गया है। साथ ही पारदर्शिता एवं तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल उपस्थिति, जियो-टैगिंग, रियल-टाइम डैशबोर्ड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर साप्ताहिक प्रकटीकरण की व्यवस्था की गई है।
योजना में महिलाओं की न्यूनतम 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की गई है तथा महिला प्रधान परिवारों एवं वंचित वर्गों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। रोजगार के लिए आवेदन ग्राम पंचायत अथवा मोबाइल एप के माध्यम से किया जा सकेगा तथा मजदूरी का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से आधार लिंक्ड बैंक खाते में अधिकतम 15 दिवस के भीतर किया जाएगा। रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान भी किया गया है।
*हितलाभ वितरण*
कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों के पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु आवास निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। जनपद पंचायत झाबुआ की ग्राम पंचायत मोहनपुरा के 05 हितग्राहियों, जनपद पंचायत राणापुर की ग्राम पंचायत वागलावाट-मोहनिया के 01 तथा ग्राम पंचायत भूरका के 01 हितग्राही, जनपद पंचायत रामा की ग्राम पंचायत अगेरा के 01, ग्राम पंचायत रोटला के 01 एवं ग्राम पंचायत कालीदेवी के 02 हितग्राहियों, जनपद पंचायत मेघनगर की ग्राम पंचायत नौगांवां के 03 हितग्राहियों, जनपद पंचायत थांदला की ग्राम पंचायत नवापाड़ा के 01 एवं ग्राम पंचायत सेमलपाड़ा के 03 हितग्राहियों तथा जनपद पंचायत पेटलावद की ग्राम पंचायत गोपालपुरा के 02 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत प्रति हितग्राही ₹1,20,000 की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM-G] के अंतर्गत उक्त हितग्राहियों को 90 कार्य दिवसों की मजदूरी राशि ₹23,490 के भुगतान की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, जनपद पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्यगण , पंचायत प्रतिनिधि, समस्त सीईओ जनपद , सरपंच , सचिव , विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।