झाबुआ/अखिल भारतीय साहित्य परिषद के बैनरतले गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरु प्रेरणा पब्लिक स्कूल,हत्यादेली,तहसील मेघनगर में हर्षोल्लास के साथ अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिलाध्यक्ष वरिष्ठ कवि साहित्यकार डॉ.भेरूसिंह चौहान "तरंग" के मुख्यातिथ्य,विद्यालय की संस्थापिका श्रीमती कमला पालिया की अध्यक्षता एवं सचिव मकनसिंह खपेड़ के विशेष आतिथ्य में गुरु को समर्पित काव्य पाठ का आयोजन किया गया।
सर्व प्रथम माॅं सरस्वती एवं महर्षि वेद व्यास जी के चित्र पर उपस्थित अतिथियों द्वारा माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित किया गया। इस अवसर पर संस्था की ओर से पुष्प माला पहनाकर शाल और श्रीफल से डॉ.भेरूसिंह चौहान "तरंग" एवं मकनसिंह खपेड़ का सम्मान भी किया गया।
विद्यार्थियों ने भी अपने हाथों से बनाऍं रंग - बिरंगे इंद्रधनुषी ग्रीटिंग कार्ड भेंट कर सम्मान किया था चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
डॉ.भेरूसिंह चौहान "तरंग" ने अपने उद्बोधन में गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि - हमारी भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि होता है। अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले सच्चे मार्गदर्शक होते हैं।जीवन में प्रथम गुरु माता - पिता और दूसरे गुरु विद्यालय में अध्यापन करने वाले शिक्षक होते हैं।हमेशा ही गुरुओं का सम्मान करना चाहिए ।ज्ञान की प्राप्ति जहाॅं से भी हो,सभी हमारे गुरु हैं । पशु - पक्षी,पेड़ - पौधे भी जीवन में बहुत कुछ सिखाते हैं।
इस मौके पर सर्व प्रथम भेरूसिंह चौहान "तरंग" ने माॅं सरस्वती एवं गुरु को समर्पित स्वरचित रचना "ज्ञान का दीप जला दो" एवं "गुरु की महिमा" के साथ ही चले गाँव की ओर,नन्हा सिपाही, बचपन की यादें,राणा का बलिदान,माछलिया घाट,जल संकट सहित कई रचनाएँ सुनाकर सभी को मंत्र मुग्ध कर तालियाॅं बटोरी कवि साहित्यकार मकनसिंह खपेड़ ने भी गुरु पर प्रकाश डालते हुए प्रकृति को रेखांकित करती वृक्षों का महत्व समझाती स्वरचित रचना सुनाई। साथ ही अन्य रचनाएँ सुनाकर तालियाॅं बटोरी।
संस्था प्रमुख श्रीमती कमला पालिया ने भी विद्यार्थियों को गुरु की प्रेरणा पर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपने विचार व्यक्त किए।विद्यार्थी निशा डामोर,दीपेश परमार,अनमोल डामोर,आर्या परमार,विजू डामोर,कोमा बामनिया ने भी गीत,कविता,विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक रूबेन बारिया एवं आभार माना शिक्षिका ममता हिहोर ने।इस अवसर पर संस्था का समस्त स्टॉप मनीषा मेड़ा,ममता भूरा,मीरा हिहोर,ममता वसुनिया,पायल भूरिया, वानु बेहरा सहित समस्त विद्यार्थी उपस्थित उपस्थित थे।