झाबुआ पुलिस ने 343 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 50,205 नागरिकों को किया साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक
पुलिस लाइन झाबुआ में आयोजित समापन कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ अभियान का समापन
झाबुआ। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्यव्यापी *15 दिवसीय साइबर जागरूकता अभियान "सेफ क्लिक 2.0"* का झाबुआ जिले में सफलतापूर्वक समापन पुलिस लाइन झाबुआ में किया गया। यह अभियान 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक जिलेभर में व्यापक स्तर पर संचालित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करना तथा साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करना रहा।
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया के मार्गदर्शन में जिले के समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों में योजनाबद्ध रूप से साइबर सुरक्षा जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया गया। अभियान के दौरान साइबर जागरूकता रथ, रक्षा सखी टीम, थाना पुलिस एवं साइबर सेल की टीमों ने शहरों से लेकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचकर नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, व्यापारियों, किसानों, सरकारी कर्मचारियों, बैंक ग्राहकों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया। पुलिस टीमों ने शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम पंचायतों, बाजारों, बैंक शाखाओं, एटीएम, आधार सेवा केंद्रों, शासकीय कार्यालयों, अस्पतालों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर संवाद स्थापित किया तथा लोगों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया।
पूरे अभियान के दौरान जिलेभर में विविध प्रकार की जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें साइबर जागरूकता रैली, रन एवं मैराथन, साइबर चौपाल, जनसंवाद, व्याख्यान, कार्यशालाएं, प्रश्नोत्तरी (क्विज) प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक, साइबर जागरूकता रथ के माध्यम से प्रचार-प्रसार तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक डिजिटल अभियान शामिल रहे। इन गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को साइबर सुरक्षा को अपने दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।
अभियान के दौरान डिजिटल अरेस्ट, फर्जी KYC अपडेट, OTP साझा करने के खतरे, UPI एवं ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, QR कोड फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाएं, साइबर बुलिंग, मॉर्फिंग, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, ऑनलाइन गेमिंग के जोखिम तथा साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। नागरिकों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से शिकायत दर्ज कराकर समय रहते आर्थिक नुकसान को रोका जा सकता है।
महिलाओं एवं बालिकाओं की डिजिटल सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए महिला महाविद्यालयों, महिला स्व-सहायता समूहों, आंगनवाड़ी केंद्रों तथा अन्य महिला समूहों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, साइबर स्टॉकिंग, फर्जी प्रोफाइल, मॉर्फिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न तथा महिलाओं से संबंधित साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित साइबर चौपालों के माध्यम से सरपंचों, पंचायत सचिवों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीण नागरिकों को डिजिटल भुगतान की सुरक्षा, मोबाइल बैंकिंग, फर्जी कॉल एवं लिंक से बचाव तथा साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई गई। वहीं छात्र मित्रों एवं युवाओं के माध्यम से सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन तथा डिजिटल साक्षरता का संदेश घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
अभियान के दौरान जिले के सभी पुलिस थानों, चौकियों, पंचायतों, अस्पतालों, बैंक शाखाओं एवं अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर 1930 साइबर हेल्पलाइन एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) संबंधी पोस्टर एवं बैनर लगाए गए। इसके अतिरिक्त प्रेस वार्ताओं, मीडिया ब्रीफिंग तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी साइबर सुरक्षा संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।
झाबुआ पुलिस द्वारा संचालित इस अभियान के अंतर्गत जिलेभर में कुल 343 साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 50,205नागरिकों को साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जागरूक किया गया। यह अभियान जिले के इतिहास में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में संचालित सबसे व्यापक जनजागरूकता अभियानों में से एक रहा, जिसमें पुलिस एवं आमजन की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।
अभियान के समापन अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक झाबुआ प्रतिपाल सिंह महोबिया ने कहा कि झाबुआ पुलिस का विश्वास है कि इस प्रकार के सतत जनजागरूकता प्रयासों से नागरिकों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित होगा तथा जिले में साइबर अपराधों में प्रभावी कमी लाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त होगी।
*एसडीओपी झाबुआ कमलेश शर्मा* व्दारा बताया गया कि साइबर अपराध से बचाव ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, OTP, बैंक विवरण अथवा UPI PIN किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं।
*एसडीओपी पेटलावद सुश्री अनुरक्ति सबनानी* द्वारा बताया गया कि मोबाइल फोन में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या संवेदनशील व्यक्तिगत फोटो सुरक्षित नहीं रखनी चाहिए। साथ ही ऐसी निजी तस्वीरें खींचने से भी बचना चाहिए, जिन्हें आप किसी अन्य व्यक्ति को दिखाना उचित न समझें। उन्होंने यह भी बताया कि मोबाइल से फोटो डिलीट करने के बाद भी तकनीकी माध्यमों से उन्हें पुनः प्राप्त किया जा सकता है, इसलिए व्यक्तिगत जानकारी और फोटो के संबंध में विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है।
इसके साथ ही उन्होंने आमजन को सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक एवं सुरक्षित उपयोग करने, अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचने तथा साइबर अपराधों से सतर्क रहने के संबंध में भी जागरूक किया।
साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों ने साइबर सुरक्षा संबंधी प्रश्नोत्तरी में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा इस अभियान से मिली सीख और अपने अनुभव सभी के साथ साझा किए।
