एनएसएस, भारतीय ज्ञान परंपरा एवं इको क्लब के संयुक्त आयोजन में छात्राओं ने पेड़ों को बांधी राखी, प्रश्नमंच, पोस्टर एवं दही-हांडी प्रतियोगिताओं में लिया उत्साहपूर्वक भाग
झाबुआ। शासकीय कन्या महाविद्यालय, झाबुआ में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई, भारतीय ज्ञान परंपरा एवं इको क्लब के संयुक्त तत्वावधान में रक्षा बंधन, बलराम जयंती एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन अत्यंत उत्साह एवं श्रद्धा के साथ किया गया। कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी के निर्देशन तथा डॉ. प्रीति एस. त्रिपाठी एवं प्रो. विजय कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं भगवान श्रीकृष्ण के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। प्रारंभ में प्रो. विजय कुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों एवं पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता डॉ. प्रीति एस. त्रिपाठी ने रक्षा बंधन के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए यम और यमुना की प्रेरक कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन केवल भाई-बहन का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, कर्तव्य और संरक्षण का संदेश देने वाला भारतीय संस्कृति का महान उत्सव है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, बाल लीलाओं, माखन-चोरी, गोवर्धन धारण, कंस वध तथा श्रीमद्भगवद्गीता के जीवनोपयोगी संदेशों का उल्लेख करते हुए छात्राओं को धर्म, सत्य, कर्म और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी ने कहा कि परिवार और रिश्ते जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। हमें कभी भी अहंकार, ईर्ष्या या द्वेष के कारण अपने संबंधों में दूरी नहीं आने देनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं से भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं ने प्राकृतिक सामग्री से आकर्षक ईको-फ्रेंडली राखियां तैयार कर महाविद्यालय परिसर के वृक्षों को राखी बांधी तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अभिनव गतिविधि ने पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया।
इस अवसर पर श्रीकृष्ण प्रश्नमंच प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता एवं दही-हांडी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने पूरे उत्साह एवं रचनात्मकता के साथ भाग लिया। विजेता छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए भारतीय संस्कृति, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण तथा सेवा और उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना था। पूरे कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण, सांस्कृतिक उल्लास और उत्सवधर्मिता से सराबोर रहा।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. विजय कुमार ने तथा आभार प्रदर्शन प्रो. सुरेश भूरिया ने किया। इस अवसर पर डॉ. प्रकाश अलंसे, डॉ. मुकेश अजनार, प्रो. ज्योति भावर, डॉ. वंदना मंडलोई, डॉ. राजेश भावर सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।
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