झाबुआ। शा.मा.विद्यालय,नरसिंहपुरा (मेघनगर) में 5 सितंबर "शिक्षक दिवस" के अवसर पर संस्था में सेवा निवृत शिक्षक एवं वरिष्ठ साहित्यकारों का सम्मान कर शिक्षक दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।साथ ही इस अवसर पर काव्य पाठ का आयोजन भी हुआ।
सर्व प्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ झाबुआ से विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित सेवा निवृत शिक्षक एवं वरिष्ठ साहित्यकार पी.डी.रायपुरिया,आचार्य वरिष्ठ साहित्यकार एवं नगरपालिका परिषद झाबुआ के एल्डरमैन गणेश उपाध्याय, सेवा निवृत शिक्षक,अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिलाध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.भेरूसिंह चौहान "तरंग",साहित्यकार प्रवीणकुमार सोनी ,साथ ही हाई स्कूल नरसिंहपुरा के प्राचार्य दिनेश धुंध,माध्यमिक विद्यालय नरसिंहपुरा के प्रधानाध्यापक मुकेश गौड़ ने माॅं सरस्वती एवं डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया।विद्यालय की छात्रा कु.एलिया,डिम्पल,प्रीति, सोमा एवं विनीता ने मधुर स्वर में सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी।
शिक्षक दिवस के अवसर पर संस्था की ओर से विशेष आमंत्रित अतिथि सेवा निवृत शिक्षक एवं वरिष्ठ साहित्यकार पी.डी.रायपुरिया,आचार्य गणेश उपाध्याय एवं डॉ.भेरूसिंह चौहान "तरंग" का पुष्प माला,शाल,श्रीफल एवं कलम से सम्मान किया गया।इसके साथ ही साहित्यकार प्रवीण कुमार सोनी का भी कलम भेंट कर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में हाई स्कूल के प्राचार्य दिनेश धुंध ने संबोधित कर परीक्षा की महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत करवाया।साहित्यकार प्रवीण कुमार सोनी ने कविता बच्चों की मुस्कान एवं अन्य रचनाएँ सुनाकर दाद बटोरी।साहित्यकार पी.डी.रायपुरिया ने अपनी रचनाओं से सभी को गुदगुदाया और तालियाॅं बटोरी। वरिष्ठ साहित्यकार गणेश उपाध्याय ने डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए प्रेरणादाई उद्बोधन के साथ ही कविताओं से सबका मन मोह लिया।डॉ. भेरूसिंह चौहान "तरंग" ने अपने अनूठे अंदाज़ में गुरु की महिमा,बचपन की यादें,चलें गाॅंव की ओर रचनाओं के साथ ही अन्य रचनाएँ सुनाकर सबको मंत्र मुग्ध कर दिया और कलियाॅं बटोरी।संस्था के शिक्षक एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद के सचिव मकनसिंह खपेड़ ने भी लघु कथा एवं कविता सुनाई और तालियाॅं बटोरी।कार्यक्रम का सफल संचालन संस्था के शिक्षक शैलेन्द्रसिंह चौहान ने किया और आभार माना संस्था के प्रधानाध्यापक मुकेश गौड़ ने।इस अवसर पर संस्था का समस्त स्टाफ मकनसिंह खपेड़,विसिया बिलवाल,राकेश जोझा,मानसिंह पानिया, बाबूसिंह हीहोर,हेमसिंह भूरिया,सोहन भूरिया,जगदीश राठौर के साथ ही विद्यालय के समस्त विद्यार्थी उपस्थित थे।