झाबुआ, 07 सितंबर 2026। शासकीय कन्या महाविद्यालय, झाबुआ में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), रेड रिबन क्लब एवं यूथ रेड क्रॉस के संयुक्त तत्वावधान में 1 से 7 सितंबर तक आयोजित राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का समापन सोमवार को राष्ट्रीय पोषण दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य जागरूकता एवं संतुलित आहार विषयक एक दिवसीय कार्यशाला के साथ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी के निर्देशन तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रीति एस. त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय, झाबुआ के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी ने की। मुख्य अतिथि डॉ. संदीप चोपड़ा (शिशु एवं सिकल सेल रोग विशेषज्ञ) तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. फैजल पटेल (चेस्ट एवं टीबी रोग विशेषज्ञ) एवं डॉ. प्रतिष्ठा चौहान (स्त्री रोग विशेषज्ञ) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों का हस्तनिर्मित बुके तथा एनएसएस बैज पहनाकर स्वागत के साथ हुआ।
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए डॉ. प्रीति एस. त्रिपाठी ने कहा कि सजगता, सही जानकारी, संतुलित पोषण और समय पर चिकित्सकीय परामर्श के माध्यम से अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का उद्देश्य युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली एवं पोषण के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
मुख्य वक्ता डॉ. संदीप चोपड़ा ने सिकल सेल एनीमिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को सिकल सेल मुक्त बनाने के लक्ष्य की पूर्ति में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने छात्राओं को "सिकल मित्र" बनने के लिए प्रेरित किया तथा बताया कि जिला चिकित्सालय में सिकल सेल की जांच, जेनेटिक काउंसलिंग एवं उपचार निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने विवाह से पूर्व जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड का मिलान कराने का संदेश देते हुए सिकल सेल रोगियों के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, हाइड्रॉक्सी यूरिया एवं फोलिक एसिड के नियमित सेवन पर बल दिया।
डॉ. फैजल पटेल ने टीबी, एड्स एवं हेपेटाइटिस-बी के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि 15 दिनों से अधिक खांसी रहने पर तुरंत बलगम की जांच करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि टीबी का उपचार पूरी तरह संभव है, बशर्ते मरीज नियमित दवा, पौष्टिक भोजन एवं चिकित्सकीय सलाह का पालन करे। साथ ही एड्स से बचाव, नशामुक्त जीवन और अनावश्यक टैटू से बचने की सलाह भी दी।
डॉ. प्रतिष्ठा चौहान ने पीसीओडी, मासिक धर्म स्वच्छता एवं किशोरियों के पोषण पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए दूध, दाल, हरी पत्तेदार सब्जियां, सूखे मेवे एवं मौसमी फलों को दैनिक आहार में शामिल करने तथा जंक फूड से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने सभी छात्राओं को आभा आईडी (ABHA ID) बनवाने के लिए भी प्रेरित किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही सफलता की पहली सीढ़ी है। उन्होंने छात्राओं से अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा किसी भी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने का आग्रह किया।
इस अवसर पर छात्राओं द्वारा पोषण विषयक पोस्टर निर्माण एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रीति एस. त्रिपाठी ने तथा आभार प्रदर्शन प्रो. सुरेश भूरिया ने किया। इस अवसर पर प्रो. विजय कुमार, प्रो. ज्योति भावर, डॉ. वंदना मंडलोई सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।