“बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय और अभिभावकों का साथ मिलकर कार्य करना आवश्यक है।” अथर्व शर्मा
झाबुआ। वयं गुरुकुलम् में पेरेंट्स ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन उत्साह, गरिमा और आत्मीय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों को विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, कार्यप्रणाली, संस्कार आधारित शिक्षा एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों से परिचित कराना तथा विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने भारत की विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हुए देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा में फैंसी ड्रेस प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिन्हें अभिभावकों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन देते हुए एकेडमिक डायरेक्टर सतीश निरंजन ने सभी अभिभावकों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बच्चे के भविष्य निर्माण में विद्यालय और परिवार दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यालय का प्रयास केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उनमें संस्कार, आत्मविश्वास, रचनात्मकता, कौशल और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने अभिभावकों से विद्यालय के साथ निरंतर संवाद एवं सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया।
संस्था के युवा संचालक अथर्व शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि “बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय और अभिभावकों का साथ मिलकर कार्य करना आवश्यक है। जब परिवार और विद्यालय एक दिशा में प्रयास करते हैं, तब बच्चे का विकास और अधिक प्रभावी होता है।”
इस अवसर पर उपप्राचार्य मकरंद आचार्य ने वयं गुरुकुलम् के समस्त शिक्षकों एवं स्टाफ का अभिभावकों से परिचय कराया। उन्होंने बताया कि विद्यालय की पूरी टीम विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व, संस्कार, कौशल एवं प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य श्रीमती दीपशिखा तिवारी ने विद्यालय के समस्त शिक्षकों को प्रत्येक विद्यार्थी के प्रति संवेदनशीलता, ईमानदारी, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की संकल्प दिलाई।
कार्यक्रम की विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई विभिन्न विषयों की प्रदर्शनी रही। इसमें विज्ञान, रोबोटिक्स, गणित तथा आर्ट एंड क्राफ्ट से संबंधित विद्यार्थियों के मॉडल, प्रोजेक्ट एवं रचनात्मक कार्य प्रदर्शित किए गए। अभिभावकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट के संबंध में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों की रचनात्मकता, प्रयोगात्मक सोच और तकनीकी कौशल को देखकर अभिभावकों ने प्रदर्शनी की खूब सराहना की।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की विभिन्न प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया गया। संगीत, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी कला और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल, कला, संस्कृति, तकनीक और अनुभवों के माध्यम से बच्चे का सर्वांगीण विकास किया जा सकता है।
कार्यक्रम में संस्था संचालिका श्रीमती किरण शर्मा, शारदा विद्या मंदिर एमपी बोर्ड की प्राचार्य श्रीमती कंचन चौहान, उपप्राचार्य देवेंद्र व्यास वरिष्ठ शिक्षक राकेश शाह सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
कार्यक्रम का संचालन प्राची चौहान ने प्रभावी एवं आकर्षक ढंग से किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी अभिभावकों को सीड बॉल एवं पौधों का वितरण किया गया, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ।
पेरेंट्स ओरिएंटेशन प्रोग्राम विद्यालय और अभिभावकों के बीच संवाद, विश्वास एवं सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ। अभिभावकों ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों तथा प्रदर्शनी में प्रदर्शित बच्चों के कार्यों की सराहना करते हुए कार्यक्रम को सराहनीय बताया
