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नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के तहत शासकीय कन्या महाविद्यालय झाबुआ में नशामुक्ति जागरूकता कार्यशाला आयोजित

राजेंद्र राठौर
झाबुआ। नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के अंतर्गत शासकीय कन्या महाविद्यालय झाबुआ की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं रेड रिबन क्लब द्वारा प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी के निर्देशन तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रीति एस. त्रिपाठी के मार्गदर्शन में सतत जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में महाविद्यालय में "नशामुक्त समाज बनाने में छात्राओं की भूमिका" विषय पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी ने की। 
मुख्य अतिथि प्रतिपाल सिंह महोबिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, झाबुआ रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में जयति दीदी, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, झाबुआ तथा जिमी निर्मल, डायरेक्टर, सारा सेवा संस्थान, झाबुआ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।स्वयं सेविकाओं ने अतिथियों का स्वागत NSS बैज लगा कर किया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रीति एस. त्रिपाठी ने बताया कि शासन द्वारा 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत छात्राओं में जागरूकता लाने हेतु निबंध, पोस्टर, रंगोली एवं स्लोगन प्रतियोगिताएँ, नशामुक्ति शपथ तथा वृहद जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इसी श्रृंखला में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था। उन्होंने कहा कि "हम सुधरेंगे, जग सुधरेगा" की भावना के साथ प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं से परिवर्तन की शुरुआत करनी चाहिए।
मुख्य अतिथि प्रतिपाल सिंह महोबिया ने नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के तन, मन, धन और भविष्य—सभी को बर्बाद कर देता है। यह सोचने-समझने की क्षमता को कमजोर कर परिवार और समाज दोनों को प्रभावित करता है। उन्होंने अपने सेवा अनुभवों के माध्यम से छात्राओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
विशिष्ट अतिथि जयति दीदी ने कहा कि जीवन में यदि कोई नशा होना चाहिए तो वह सकारात्मक विचारों, श्रेष्ठ संस्कारों और सफलता प्राप्त करने का होना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से आत्मचिंतन कर अपने व्यक्तित्व को सशक्त बनाने का आह्वान किया।

 जिमी निर्मल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति समाज परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने छात्राओं से विवाह एवं अन्य सामाजिक आयोजनों में शराब जैसी कुप्रथाओं का विरोध करने तथा परिवार और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. अंजना सोलंकी ने कहा कि आज केवल मादक पदार्थ ही नहीं, बल्कि मोबाइल और सोशल मीडिया की लत भी युवाओं के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने छात्राओं से संयमित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

इसके साथ ही "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं प्राचार्य ने महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने सभी छात्राओं से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. प्रीति एस. त्रिपाठी ने किया तथा आभार प्रदर्शन प्रो. विजय कुमार ने व्यक्त किया।

इस अवसर पर डॉ. विद्या चौहान, डॉ. मुकेश अजनार, प्रो. सुरेश भूरिया, प्रो. ज्योति भावर, डॉ. राजेश भावर सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।

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