झाबुआ। शासकीय कन्या महाविद्यालय, झाबुआ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान का शुभारंभ बुधवार को किया गया। 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से छात्राओं एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया जाएगा।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी के निर्देशन एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रीति एस. त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रीति एस. त्रिपाठी ने नशामुक्त भारत अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों के लिए अभिशाप है। उन्होंने छात्राओं से स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. अंजना सोलंकी ने कहा कि "नशा जीवन को अंधकार की ओर ले जाता है। यदि किसी चीज़ का नशा करना है तो शिक्षा, सफलता और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का करें।" उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी का नशामुक्त रहना ही स्वस्थ एवं सशक्त भारत की पहचान है।
इस अवसर पर प्राचार्य ने महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। इसके पश्चात छात्राओं एवं प्राध्यापकों ने हाथों में नशा विरोधी संदेशों वाली तख्तियां लेकर महाविद्यालय से टंट्या भील चौराहे तक विशाल जागरूकता रैली निकाली। रैली के दौरान "नशे से दूरी है ज़रूरी", "नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो" तथा "स्वस्थ युवा, सशक्त भारत" जैसे नारों के माध्यम से आमजन को नशा न करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में डॉ. सारिका डुडवे, डॉ. प्रकाश अलंसे, डॉ. विद्या चौहान, डॉ. मुकेश अजनार, प्रो. विजय कुमार, प्रो. सुरेश भूरिया, प्रो. ज्योति भावर, डॉ. वंदना मंडलोई, डॉ. राजेश भावर, अजय बैरागी, पार्वती हीहोर, सरिता, रीना, रामशीष गणावा सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविकाएँ उपस्थित रहीं।
